Hindigram

  • अक्षर का आकार बडाईयॆ
  • अक्षर का पुर्वनीयोजित कद
  • अक्षर का आकार घटाइऐ

सुभाषित

साहित्यसंगीतकला विहीन: साक्षात् पशुः पुच्छविषाणहीनः ।
( साहित्य संगीत और कला से हीन पुरूष साक्षात् पशु ही है जिसके पूँछ और् सींग नहीं हैं । )
— भर्तृहरि